Amarnath Yatra Registration 2026
भक्तों के लिए इंतज़ार खत्म हो गया है। श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड (SASB) ने वर्ष 2026 की यात्रा के लिए आधिकारिक घोषणा कर दी है। यदि आप भी इस पावन तीर्थ यात्रा पर जाने की योजना बना रहे हैं, तो रजिस्ट्रेशन से लेकर यात्रा शुरू करने तक की पूरी जानकारी यहाँ दी गई है।
तिथियां (Dates)
इस साल यात्रा की अवधि 57 दिन की होगी, जो पिछले कुछ वर्षों की तुलना में अधिक है:
रजिस्ट्रेशन शुरू होने की तिथि: 15 अप्रैल, 2026
यात्रा शुरू होने की तिथि: 03 जुलाई, 2026
यात्रा समापन (रक्षाबंधन): 28 अगस्त, 2026
प्रथम पूजा: 29 जून, 2026 (ज्येष्ठ पूर्णिमा)
नियम (Eligibility Criteria)
कठिन चढ़ाई और ऊँचाई को देखते हुए बोर्ड ने कुछ कड़े नियम बनाए हैं:
आयु सीमा: केवल 13 से 70 वर्ष की आयु के लोग ही यात्रा कर सकते हैं।
गर्भवती महिलाएं: 6 सप्ताह से अधिक की गर्भवती महिलाओं को यात्रा की अनुमति नहीं है।
स्वास्थ्य प्रमाण पत्र (CHC): सभी तीर्थयात्रियों के लिए अनिवार्य स्वास्थ्य प्रमाण पत्र होना आवश्यक है, जो 8 अप्रैल, 2026 के बाद जारी किया गया हो।
रजिस्ट्रेशन कैसे करें? (How to Register)
आप दो तरीकों से अपना रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं:
1. ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन
श्राइन बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट jksasb.nic.in पर जाएं।
’Online Services’ में जाकर ‘Register’ पर क्लिक करें।
अपनी फोटो, हेल्थ सर्टिफिकेट और आधार कार्ड की डिटेल्स अपलोड करें।
फीस का भुगतान करें और अपना Yatra Permit डाउनलोड करें।
2. ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन
देशभर में PNB, SBI, ICICI, Yes Bank और Axis Bank की 550 से अधिक शाखाओं में फॉर्म उपलब्ध हैं।
अपने साथ आधार कार्ड, 4 पासपोर्ट साइज फोटो और मेडिकल सर्टिफिकेट लेकर बैंक जाएं।
रजिस्ट्रेशन शुल्क: ₹150 प्रति यात्री (बैंक के माध्यम से)।
अनिवार्य स्वास्थ्य प्रमाण पत्र (CHC)
बिना मेडिकल सर्टिफिकेट के यात्रा परमिट जारी नहीं किया जाएगा।
यह प्रमाण पत्र केवल श्राइन बोर्ड द्वारा अधिकृत (Authorized) डॉक्टरों या अस्पतालों से ही बनवाना होगा।
अधिकृत डॉक्टरों की लिस्ट आप श्राइन बोर्ड की वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते हैं।
यात्रा के रास्ते (Routes)
आप अपनी क्षमता के अनुसार दो मुख्य रास्तों में से एक चुन सकते हैं:
1. पहलगाम मार्ग (48 किमी): यह पारंपरिक और थोड़ा लंबा रास्ता है, लेकिन इसमें चढ़ाई थोड़ी आसान है। इसे पूरा करने में 3-4 दिन लगते हैं।
2. बालटाल मार्ग (14 किमी): यह छोटा लेकिन काफी खड़ी चढ़ाई वाला रास्ता है। अनुभवी लोग इसे एक दिन में भी पूरा कर लेते हैं।
सुरक्षा और नई सुविधाएं
RFID कार्ड: इस साल हर यात्री को RFID कार्ड दिया जाएगा जिससे उनकी लोकेशन ट्रैक की जा सकेगी।
बीमा कवर: ग्रुप एक्सीडेंटल इंश्योरेंस कवर को ₹5 लाख से बढ़ाकर ₹10 लाख कर दिया गया है।
हेलीकॉप्टर बुकिंग: जो लोग पैदल नहीं जा सकते, वे बालटाल या पहलगाम से हेलीकॉप्टर की सुविधा भी ऑनलाइन बुक कर सकते हैं।
महत्वपूर्ण टिप: रजिस्ट्रेशन ‘पहले आओ-पहले पाओ’ के आधार पर होता है, इसलिए अपनी पसंदीदा तारीख के लिए जल्द से जल्द आवेदन करें।
शुभ यात्रा! जय बाबा बर्फानी!